

जब हम लड़ें तो आयोग भी अपना न साथ दे
जब तुम लड़ो तो ईडी लड़े, सी बी आय लड़े
जब हम रुकें तो साथ जुटे बेबसों की भीड़
जब तुम रुको तो पूरी ही सरकार जुट पड़े

शायद चुनाव में हार का ख्याल अब सताया है
इसीलिए पापा ने मेरे, तुम्हें चाय पे बुलाया है
अच्छा S S S…….
कमजोर समझ कर, आयोग को ये, जाल बिछाया है
इसीलिए पापा ने तेरे, मुझे चाय पे बुलाया है
क्यों है ना ? (कड़े तेवर के साथ)
नहीं नहीं सर.....(सफाई की मुद्रा में) आप गलत समझ रहे हैं..

जो तुमको हो पसंद, वही बात कहेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे
मिलते ना इश्तेहार तो मर जाते हम कभी के
पूरे हुए हैं आप से, अरमान चैनलों के

भीख में मिले सम्मान का
रखने को झूठा मान
कौवे के लिये जरूरी था
करे गरूड का अपमान
कहावत “नंगे से ऊपरवाला भी डरता है”
पूरी हुई चरितार्थ
जब राजाश्रित नंगेपन के आगे
हुए सभी हतवाक्

छह ग्राम ड्रग की कुश्ती को, देख कबीरा रोय
तीन टनों के खेप की, बात न पूछे कोय
बात न पूछे कोय, मामला पड़ गया ठंढा
राहत मोटे सेठ को, चला बंबई पर डंड़ा

दूरबीन से देखो भाई,
जो न आंख से पड़े दिखाई!
आसमान के तारे लगते
जैसे जुगनू घास में,
नहीं नजर आता है लेकिन
जो घटता है पास में!

नेता कहे किसान से, तू नहीं जाने मोय
ऱॅली का दिन आन दे, फिर रौंदूंगा तोय
नीचे गाड़ी के आयेगा, पिल्ला और किसान
पहला मन को दुख दे, दूजा तो शैतान

खबरदार,
ट्रॅक्टर कुछ ज्यादा ही बिक रहे हैं
मगर ये आलीशान गाडियां नहीं
क्या अर्थव्यवस्था के लिये खतरे की
घंटी तो नहीं

जब तुम कर दी गयी निर्वसन
चुप थी सब आचार्य मंडली
आज तुम्हे मिलता निष्कासन
सभा नयी और नयी है टोली
पर कोई आश्चर्य नहीं है
आज भी चुप आचार्य मंडली

Take that lady journalist
Thinks she is an evangelist
Trying to probe business deals
Ignoring wheels within the wheels
How can a woman have such gall?
Time to snoop on them all

मैया मोरी, मैं नहीं चंदा चुरायो
भोर भयो कागजन के पाछे, दफ्तरन मोही पठायो
चार पहर पूरा करके घोटाला, सांझ रजिस्ट्री करायो
मैया मोरी, मैं नहीं चंदा चुरायो
मैं सेवक शहरन को छोटो, पैसो किस विध पायो
आप वाप सब बैर पडे हैं, कागज प्रेस में दिखायो

ज़रा सी खांसी जो होती है तो दिल सोचता है
कहीं ये वो तो नहीं, कहीं ये वो तो नहीं
ज़रा सी खांसी होती है …
घुस के सीने में कोई जगह बना लेता है
हर दवाई को बता जैसे धता देता है
है उसी की ये सदा, है उसी की ये अदा
कहीं ये वो तो नहीं …

Let them eat dark chocolate,
Tweeted Marie Antoinette
With the bourbon dynasty
Things can really go nasty
In the face of adversity
You must spread positivity

कहां तो तय था पंद्रह लाख हरेक घर के लिये
कहां दवा भी मयस्सर नहीं शहर के लिये
यहां अस्पतालो के साये में मौत बैठी है
चलो यहाँ से कहीं दूसरे शहर के लिये

मै और मेरे तोतै, अक्सर ये बातें करते हैं ….
अगर करोना न होता तो ऐसा होता, जुमला चल जाता तो वैसा होता
अगर गोली न चलती तो ऐसा होता, दंगे हो जाते तो वैसा होता ….
नतीजे फिर ऐसे नहीं, वैसे होते
विरोधी हमारी जीत पे हैरां होते, हम उनकी हालत पे कितना हँसते
मैं और मेरे तोते, अक्सर ये बातें करते थे
अबकी बार दो सौ पार ……..,मगर,
ये कहाँSS आ गये हम, यूँ ही साथ साथ चलते
ये सारे ही नतीजे, चले हाSSथ से फिसलते