Dr. Satish Balram Agnihotri
  • About
      • Back
      • Profile
      • Photo Gallery
          • Back
          • Memories & Moments
          • With Students
  • Blog
      • Back
      • Memoirs/ Public Policy In Practice
      • In A Land Of Dirt Roads
      • All English Content
      • All Hindi Content
  • Publications
      • Back
      • Books
      • Academic Publications
      • Varied Publications
      • Downloadable Articles
  • Web Links
      • Back
      • Video Links
      • Towards a Kuposhan Mukt Bharat
  • Contact
  1. You are here:  
  2. Home
  3. Blog
  4. In A Land Of Dirt Roads
खामोश, जंग अभी जारी है - सतीश बलराम अग्निहोत्री द्वारा लिखित कविता

खामोश, जंग अभी जारी है

Details
Published: 29 March 2026
  • Hindi

खामोश, जंग अभी जारी है ......
इसकी ही बदौलत तो,बची कुर्सी हमारी है
रूकी जैसे ही जंग, हमें
फौरन जनता निपटायेगी

[ Read More ]

थर्राता डॉलर ...सतीश बलराम अग्निहोत्री द्वारा लिखित कविता

थर्राता डॉलर ...

Details
Published: 26 December 2025
  • Hindi

लश्करे नोएड़ा को गुस्सा जब आता है
                                      रूपये के सामने डॉलर थर्राता है
डॉलर थर्राता है यह सबको बताना होगा
                                      फायदा सस्ते रूपये का सबको समझाना होगा

[ Read More ]

अमरबेल – एक लघुकथा

Details
Published: 03 December 2024
  • Hindi

आज एक और पेड़ धराशायी हो गया – अमरबेल के चंगुल की जकड़ में.

[ Read More ]

कलम, पीट उनके अब ढ़ोल

Details
Published: 15 September 2024
  • Hindi

कलम पीट उनके अब ढ़ोल

कर घोटाले बारी-बारी,
काटी जिन्होंने जेब हमारी,
जो बस गये विदेशों मे जाकर,
करके बोरिया बिस्तर गोल।
कलम, पीट उनके अब ढ़ोल ।

[ Read More ]

गिर गयी मूर्ति ... गिरने दो

Details
Published: 02 September 2024
  • Hindi

गिर गयी मूर्ति ... गिरने दो
पुल धंस गया ... धंसने दो
हुआ रेल हादसा ... होने दो

[ Read More ]

इन्ही लोगों ने ले लीना मेडलवा मोरा

Details
Published: 19 August 2024
  • Hindi
इन्ही लोगों ने .... इन्ही लोगों ने …
इन्ही लोगों ने ले लीना मेडलवा मोरा
हो जी हो मेडलवा मोरा…… मेडलवा मोरा …

[ Read More ]

लकीर पीटने की क़वायद

Details
Published: 29 July 2024
  • Hindi

खबर मिली की जंगल में सांप नज़र आये हैं। “कौन से जंगल में” संपेरों के सरदार ने कड़ी आवाज़ में पूछा। “जी वह सीमा से सटा जंगल। पड़ोस से ही सांप घुसे हैं लगता है।“

[ Read More ]

कल उद्घाटन था आज इक....

Details
Published: 29 July 2024
  • Hindi

कल उद्घाटन था आज इक हादसा हुआ
देखते ही देखते पुल ढ़ह गया
कल उद्घाटन था ......

[ Read More ]

The Resignation

Details
Published: 22 July 2024
  • English

The termite resigned
          Having hollowed out the edifice
                    He had accomplished the mission

[ Read More ]

इस्तीफा

Details
Published: 22 July 2024
  • Hindi

दीमक ने इस्तीफा दे दिया
पेड़ को खोखला करने के बाद
उसका कार्य हो चुका था सिद्ध
साथी दीमकों ने तालियां बजाईं

[ Read More ]

The invertebrates – a short story

Details
Published: 07 July 2024
  • English

They wanted to climb up to the summit – rapidly. The straight path was long and arduous.

[ Read More ]

बिना रीढ़ की हड्डी का समाज – एक लघु कथा

Details
Published: 07 July 2024
  • Hindi

उन्हे शिखर पर पहुंचने की जल्दी थी – सीधी चढाई लंबी और कठिन थी.

[ Read More ]

आंसु गॅस भरी हैं किसानों की राहें 

Details
Published: 19 February 2024
  • Hindi

आंसु गॅस भरी हैं किसानों की राहें
कोई उन से कह दें के दिल्ली ना जायें
आंसु गॅस भरी हैं ....

[ Read More ]

राजसम्मान बनाम आत्मसम्मान

Details
Published: 06 February 2024
  • Hindi

राजसम्मान बनाम आत्मसम्मान
सतीश अग्निहोत्री
विजयी मुद्रा में
रण से लौटते राजा ने

[ Read More ]

क्यों दरक रहे हैं लोकतंत्र ?

Details
Published: 06 February 2024
  • Hindi

आपको शीर्षक पढ़कर आश्चर्य हो, पर अब यह पूछना कि, “क्या लोकतंत्र दरक रहे हैं?” बेमानी हो चुका है, महत्वपूर्ण हो उठा है यह प्रश्न की लोकतंत्र क्यों दरक रहे हैं। गौर करने की बात है कि यह किसी ईक्के दुक्के देश नहीं, दुनिया के कई देशों में हो रहा है जहां दक्षिणपंथी एकनायकतंत्र अपनी जडें जमा रहा है।

[ Read More ]

दबंग युग

दबंग युग

Details
Published: 03 January 2024
  • Hindi

राजा के करिंदे
लायसेंस प्राप्त दरिंदे
महिलाओं पर अत्याचार
इनका जन्मसिद्ध अधिकार

[ Read More ]

मत कहो अतिथि ने….

मत कहो अतिथि ने….

Details
Published: 03 January 2024
  • Hindi

मत कहो अतिथि ने, आमंत्रण को, किया मना है
यह तो पूरे तंत्र की आलोचना है

यह खबर देखी नहीं पर सुबह से
क्या करोगे, इस खबर को क्या देखना है?

[ Read More ]

फिर जीत गया बकासुर

Details
Published: 28 December 2023
  • Hindi

फिर एक बार जीत गया है बकासुर
एकचक्रा में आज शांति है
स्मशान शांति

[ Read More ]

सन्नाटा है क्यूं बरपा ....

Details
Published: 27 December 2023
  • Hindi

सन्नाटा है क्यूं बरपा एक छलांग ही तो मारी है
देश छोड़के नहीं भागा, गद्दारी नहीं की है ....
सन्नाटा है क्यूं बरपा ...

[ Read More ]

आपके सेलफोन में कोई रहता है

Details
Published: 03 November 2023
  • Hindi

आपके सेलफोन में कोई रहता है
त रा रा रा रा .. हम नहीं कहते ऍपल खुद कहता है
आपके सेलफोन में कोई रहता है

[ Read More ]

Subcategories

Prose

Poetry

Page 1 of 5

  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
© 2026 Dr. Satish B Agnihotri
Follow me on Twitter
Designed & Maintained by
Argentum Web Solutions