Dr. Satish Balram Agnihotri
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  4. In A Land Of Dirt Roads

 साये में मौत

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Published: 11 May 2021
  • Hindi

कहां तो तय था पंद्रह लाख हरेक घर के लिये
कहां दवा भी मयस्सर नहीं शहर के लिये
          यहां अस्पतालो के साये में मौत बैठी है
          चलो यहाँ से कहीं दूसरे शहर के लिये

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 मैं और मेरे तोते

Details
Published: 03 May 2021
  • Hindi

मै और मेरे तोतै, अक्सर ये बातें करते हैं ….
अगर करोना न होता तो ऐसा होता, जुमला चल जाता तो वैसा होता
अगर गोली न चलती तो ऐसा होता, दंगे हो जाते तो वैसा होता ….
नतीजे फिर ऐसे नहीं, वैसे होते
विरोधी हमारी जीत पे हैरां होते, हम उनकी हालत पे कितना हँसते
मैं और मेरे तोते, अक्सर ये बातें करते थे
अबकी बार दो सौ पार ……..,मगर,
ये कहाँSS आ गये हम, यूँ ही साथ साथ चलते
ये सारे ही नतीजे, चले हाSSथ से फिसलते

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 हमने जिसका हनन किया, पहले उसको नमन किया

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Published: 23 April 2021
  • Hindi

हमने जिसका हनन किया, पहले उसको नमन किया

अर्धसत्य का गरल बनाकर, उसपर डर की डाली चादर
हर भाषण में, हर प्रचार में हमने विष का वमन किया

हर अच्छे मौके पर रखी हमने पक्की निगरानी
श्रेय बटोरा, आंच न आये, इसका पूरा जतन किया

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नया युग

Details
Published: 12 April 2021
  • Hindi

गलतफहमी की ऐसी हवा बह चली
कि चार जानें हमें अलविदा कह चलीं
पट्टी बेबसी की आंखों पे ऐसी बंधी
किसी भीड़ में एहतियात की कमी ना खली

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 पैबंद – फटी जींस पर

Details
Published: 19 March 2021
  • Hindi

मेरी जींस से झांकते अंगों को घूरती हुई
उनकी फटी सी आंखें
और जो मुझपर फेंकना चाहते थे मन ही मन
वह उनकी अक्ल पर पडे हुए पत्थर
तिसपर सत्ता का चढ़ा हुआ अहंकार
जिसने झांका, मेरे मन के नहीं
ज

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 पंच परमेश्वर 2.0

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Published: 14 February 2021
  • Hindi

पंच परमेश्वर कहानी में खाला ने अलगु चौधरी से पूछा था “बेटा, बिगाड़ के डर से क्या ईमान की बात नहीं कहोगे?” उसे क्या पता था कि अलगु चौधरी, जुम्मन के दोस्तों की ही एक कमेटी बना देंगे जो यह तय करेगी के खाला की फसल को धन्नासेठों के हाथ बेचने का अधिकार जुम्मन का ही है ना!

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 खामोश … पीडिता ही दोषी है

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Published: 01 January 2021
  • Hindi

क्या कहा? तुमपर हुआ बलात्कार! जरूर तुम्ही ने कुछ किया होगा
अपनी किसी अशालीनता से ‘बेचारे’ मर्द को उकसाया होगा

कपड़े जरूर तंग थे तुम्हारे, संस्कारों से दूर विदेशियत के मारे
अच्छा ss तुमने पहन रखी थी साड़ी?
जरूर होगी नाभिदर्शना, और पीठ उघाड़ने वाली

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 किसान और कंपनी बहादुर

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Published: 14 December 2020
  • Hindi

कंपनी बहादुर कुछ अधीर से हो उठे थे. ग्लोबलायज़ेशन का जमाना था. धन अब नहीं बटोरें तो कब बटोरें? सारी दुनिया को देखो – हर कोई बहती डिजिटल गंगा में हाथ धो रहा है. अभूतपूर्व पैमाने पर धन संचित  कर रहा है. एक हम हैं कि धीमी गति से चल रहे हैं – यह सारा चक्कर इस लोकतंत्र का है. धन अर्जन करने की राह में बस रोड़े ही रोड़े अटकाता है. वह सदाबहार एक्सपर्ट सही कह रहा था जरूरत से ज्यादा हो गया है लोकतंत्र हमारे यहां – वाकई टूss मच. तिसपर यह महामारी – अब ऐसे समय में पैसे बनाने हों तो मैदान साफ चाहिये. तभी तो होगी “इज़ आफ डूइंग बिझनेस”.

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 युधिष्ठिर का न्याय 2.0 – याने “समरथ को नहीं दोष गुसांई”

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Published: 07 December 2020
  • Hindi

अब वह दिन नहीं रहे जब युधिष्ठिर का रथ जमीन से दो अंगुल ऊपर चला करता था. कलियुग में वह न सिर्फ वह धरती से लगकर चलता है बल्कि कीचड में दो अंगुल धंसकर चलता है. उनके रथ को अब कीचड से खासा लगाव है, या यों कहें कि धर्मराज का रथ कीचड में ही खिलता है.

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 Order at the Cost of Law

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Published: 02 December 2020
  • English

Supreme is the personal liberty
Thundered the pompous majesty
Conditions apply,
Whispered the ground reality

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 शिवजी का धनुष्य 2.0

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Published: 31 October 2020
  • Hindi

कितनी बड़ी बात थी. शिवजी का धनुष्य बनना. डिजिटल ही सही – बना तो. बनाया था किसीने पिछले 70 सालों में? हाँ हाँ, शिव-धनुष्य 2.0 ऍप की ही बात हो रही है. कैसा धुआंधार प्रचार कर दिया उसका! मानो उस ऍप से ही भस्मासुर मर जाएगा. अब यह दीगर बात है कि असुर को कोई फर्क नही पड़ा – पर आप बीच में मत टोकिए यह सब पूछकर. हमने बता दिया सारे देश को की यह आपको तुरंत खबरदार कर देता है अगर भस्मासुर आस पास कहीं भी हो.

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 इन्हीं लोगों ने ले लीना…

Details
Published: 11 October 2020
  • Hindi

हमरी न मानो राजदीपवा से पूछो, राजदीपवा से पूछो
राजदीपवा से पूछो, जिस ने sssssssss …..
जिस ने रिया के संग छीना टीआरपी मोरा
इंडिया टुडे ने, इंडिया टुडे ने, इंडिया टुडे ने
इंडिया टुडे ने ले लीना टीआरपी मोरा, टीआरपी मोरा ….टीआरपी मोरा

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 IITians in the Court of the King Bhoj

Details
Published: 28 September 2020
  • English

High-Funda was determined. Patiently he got the corpse onto his shoulders from the roof of the main building (MB in IIT-B) and began climbing down the stairs. Vetaal said, “Hey High-Funda! I admire your perseverance, but sometimes I doubt your intentions. I wonder if, after capturing me, you would utilize me for the benefit of others or yourself. But I want to warn you up front. Do not use me for cogging (cogging is an IIT slang meaning cheating in tests) in tests and quizzes. God will punish you if you do that.”

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कनिमोझी की व्यथा – हिंदी सखी है या स्वामिनी?

Details
Published: 21 September 2020
  • Hindi

तमिलनाडु से सांसद कनिमोझी हाल में दो बार सुर्खियों में रहीं. दोनों घटनाओं का संदर्भ एक ही था- हिंदी की अनावश्यक आक्रामकता! क्या थीं ये दो घटनाएं?

पहली तो थी एक सुरक्षाकर्मी की धृष्टता, जो एक सांसद की भारतीयता को हिंदी समझने की कसौटी पर तोलती है. दूसरी हैं सचिव स्तर के एक केंद्र सरकार के अधिकारी की हिंदी न जानने वाले सदस्यों को- जो शत प्रतिशत भारतीय नागरिक हैं- बैठक छोड़कर जाने की सलाह.

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The Sour Grapes

Details
Published: 20 July 2020
  • English

The cunning fox glanced wistfully at the grape vine. He has been eying this vine for a while. However, the clever farmer had trained the vine at a considerable height. He had fenced it carefully too, so that no one can reach the vine and pull it down easily.

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 अंगूर खट्टे हैं

Details
Published: 16 July 2020
  • Hindi

चतुर लोमडी ने अंगूर की बेल को हसरत भरी नजर से देखा. इस बेल पर उसकी कई दिनो से निगाह थी. पर किसान ने उसे काफी उंचाई पर रखा था और सहेज कर भी ताकि उसे हाथ बढाकर नीचे न खींचा जा सके.

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The Emperor And The Parrot

Details
Published: 17 May 2020
  • English

The parrot was very dear to the Emperor – the apple of his eye, in fact. Naturally, it became dear to each of the courtiers. Everyone was aware, of course, of the decree: any person who dares to break the news of Raaghu’s death would be beheaded forthwith!

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 The Right to Return

Details
Published: 09 May 2020
  • English

Hi, how is it going?

What? Stranded abroad? How many of you?
Oh, that should not be a bother. Yes, a plane can be arranged. From the Air Force if necessary. After all, we also have some responsibilities towards our people.

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 The Dent – A Short fable

Details
Published: 09 May 2020
  • English

Did the Emperor need to covet anything further? Not really. An undisputed ruler of the land, held in awe by his subjects, a vanquished opposition, full coffers and reckoned with the world over!

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 साख – एक लघु कथा

Details
Published: 07 May 2020
  • Hindi

बादशाह को कमी किसी चीज की नहीं थी. निरंकुश सत्ता, अकूत खजाना, धराशायी विरोधी और दुनिया मे धाक. 

पर लोभ किससे संवरण हो पाता है? कहते हैं ना – आदमी का पेट भर जाता है, मन नहीं भरता. उस दिन असावधानी में कुछ ऐसा ही हुआ. 

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